Saturday, June 19, 2010

फैशन इंडस्ट्री : मंजिलें और भी हैं

अगर आप स्वतंत्र रुप से फैशन इंडस्ट्री में छाने की इच्छा रखते हैं तो इसकी शुरुआत बुटिक से करना ठीक होगा क्योंकि इसके लिए बहुत अधिक पैसों की भी आवश्यक्ता नहीं पड़ेगी। इसके लिए आपके पास कटाई और सिलाई की जानकारी होना आवश्यक है। इससे आपको पर्याप्त आमदनी तो होगी ही साथ ही साथ आप दूसरों को भी रोजगार मुहैया करवा सकेंगे।
इमरान खान
फैशन का मतलब सिर्फ मॉडल या डिजाइनर बनना ही नहीं है। यह तो एक ऐसा शब्द है जो अपने अंदर हज़ारों अर्थ समेटे हुए है। फैशन इंडस्ट्री में मॉडल या डिज़ाइनर बनने के अलावा और भी ऐसे बहुत से जगजमाते करियर आप्शन है जिनमें युवा अपनी मंजि़ल तलाश सकते हैं। युवा वर्ग इन कोर्सों के माध्यम से अपनी सोच को पंख तो दे ही सकते हैं साथ ही यह उनकी आजीविका का एक अच्छा साधन भी साबित हो सकता है। अक्सर ऐसा समझा जाता है कि एक फैशन डिज़ाइनर एक दर्जी ही होता है पर डिज़ाइनर एक ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है जो अपनी सोच को अपनी कलम की मदद से कागज़ पर उतारे यानि डिज़ाइनर वह है जो किसी चीज़ का डिज़ाइन या खाका अपने हिसाब से तैयार करे। फैशन की दुनिया में ऐसे बहुत से शॉर्ट और लांग टर्म कोर्स करवाए जाते हैं जिनके बाद आप फैशन की चकाचौंध का हिस्सा बन सकते हैं।
मर्चेंडाइजर : मर्चेंडाइजर उस व्यक्ति को कहा जाता है जो एक कंपनी तथा खरीददार के बीच एक कड़ी का काम करता है। कंपनियां ऐसे लोगों को नौकरी पर रखती हैं जिनकी बोलने की क्षमता अच्छी हो तथा जो जल्द ही अपनी बात दूसरे लोगों को समझा सकते हों। मर्चेंडाइजर आयात तथा निर्यात दोनों तरह की कंपनियों में होते हैं। इनका एक महत्वपूर्ण कार्य यह भी होता है कि वो कंपनी के विभिन्न विभागों में समन्वय बनाकर रखते हैं। एक सफल मर्चेंडाइजर बनने के लिए आपमें अपनी बात दूसरों को समझाने की कला तो होनी ही चाहिए इसके साथ ही अंग्रेजी की अच्छी जानकारी भी होनी आवश्यक है क्योंकि भारत का फैशन के क्षेत्र में अधिकतर व्यापार विदेशी कंपनियों से ही होता है।
एसेसरी डिज़ाइनिंग : अगर आप कपड़ों के अलावा कुछ और डिज़ाइन करने के बारे में सोच रहे हैं तो फुटवियर और ज्वैलरी आपके लिए बढिय़ा ऑप्शन हो सकते हैं। इसमें जूतों के नए डिज़ाइन तैयार करना, ज्वैलरी में नए-नए डिज़ाइन विकसित करना आदि शामिल है।
कॉस्ट्यूम डिजाइनर : कास्ट्यूम डिज़ाइनर वास्तव में वह व्यक्ति होता है जो कपड़ों को फाइनल टच देता है। फिल्म इंडस्ट्री में आज ऐसे युवाओं की भारी तादाद में जरुरत हैं जो बदलते फैशन के हिसाब से नए डिजाइन मुहैया करवा सकें। इनको सिर्फ किसी व्यक्ति विशेष के साइज़ के हिसाब से ही कपड़े बनाने होते हैं।
पैटर्न मेकर : पैटर्न मेकर वह व्यक्ति होता है जो किसी कपड़े के डिजाइन के मुताबिक पैटर्न तैयार करता है और फिर पैटर्न की सहायता से कपड़ों को तैयार किया जाता है।
फैशन इलस्ट्रेटर : यदि आप ड्राइंग में रुचि रखते हैं और फैशन की दुनिया में छाना चाहते हैं तो फैशन इलस्ट्रेटर आपके लिए बिल्कुल सही रास्ता है। फैशन इलस्ट्रेटर का कार्य विभिन्न डिजाइनों के इलस्ट्रेशन तैयार करना होता है। इसके लिए ज्यादा पढ़ाई की भी आवश्यक्ता नहीं सिर्फ आपकी सोच फैशन के मुताबिक बदलनी चाहिए।
टैक्सटाइल डिजाइनिंग : अगर आप किसी कपड़े के ताने-बाने को समझ कर उस में रुचि लेते हैं तो टैक्सटाइल में करियर बना सकते हैं। टैक्सटाइल डिजाइनिंग करने के लिए आप बी. टैक या बी. एस. सी. कर सकते हैं। यह तीन साल की डिग्री है। ऐसे और भी बहुत से शॉर्ट और लांग टर्म कोर्स विभिन्न इंस्टीट्यूट और युनिवर्सिटीज़ में करवाए जाते हैं। इन कोर्सों के लिए यह मायने नहीं रखता कि युवा गांव का है या शहर का। बस आपकी पारखी नजर फैशन को समझती है तो कोई भी आपको बुलंदी पर जाने से रोक नहीं सकता।
मेकअप आर्टिस्ट : जिन युवाओं का रुझान फैशन के अलावा मेकअप आदि के क्षेत्र में है उनके लिए मेकअप आर्टिस्ट का करियर ठीक रहेगा। एक मेकअप आर्टिस्ट का मुख्य कार्य परदे के पीछे रह कर मॉडल या हीरोइन को तैयार करना तथा मेकअप द्वारा उसके व्यक्तित्व को और आकर्षित बनाना होता है। यह बात अलग है कि इस प्रकार के कोर्स ज्यादातर लड़कियां ही पसंद करती हैं। यह एक शार्ट टर्म बेस कोर्स है जो लगभग 6 महीने में करवाया जाता है। इस प्रकार के कोर्स करने वाले युवाओं की मांग फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रही है। जिस गति से फिल्मों का निर्माण हो रहा है, यह कहा जा सकता है कि अगले 5 सालों में मेकअप आर्टिस्ट की मांग में और इजाफा होगा।
फैशन पत्रकारिता : प्रतियोगिता के इस दौर में आज हर क्षेत्र में महारत रखने वालों की आवश्यकता है। इसलिए विभिन्न फैशन पत्रिकाओं एवं अखबारों को ऐसे युवाओं की आवश्यक्ता है जो फैशन में रुचि तो रखते ही हों साथ ही उनका झुकाव पत्रकारिता की ओर भी हो। अगर आप भी इन दोनों में रुचि रखते हैं तो फैशन राइटर, फैशन एडिटर, फैशन फोटोग्राफर आदि कोर्स आपके लिए बढिय़ा हो सकते हैं। इसके लिए आपका दिमाग क्रियेटिव तो होना ही चाहिए साथ-साथ आपकी फैशन पर पकड़ भी अच्छी होनी चाहिए। आजकल डिजीटल फोटोग्राफी के बढ़ते रुझान के कारण भी फैशन से जुड़े उद्योगो को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो इस काम में महारत रखते हों। फिल्म नगरी मुंबई में भी फैशन की जानकारी रखने वाले युवाओं की भारी संख्या में जरुरत है जो तस्वीरों को अलग ढंग से पेश करने की कला जानते हों। ऐसे युवाओं का भविष्य अच्छा है।
एक्सपटर्स व्यूज...
इंस्टीट्यूट ऑफ अपैरल मैनेजमैंट के ज्वाइंट डॉयरेक्टर सोमेश सिंह बताते हैं कि उनके इंस्टीट्यूट में बी. ए. इन फैशन डिज़ाइन और बी. ए. इन अपैरल मर्चेंडाइजिंग में डिग्री करवाई जाती है जिस के बाद विद्यार्थी फैशन इंडस्ट्री में करियर बना सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शार्ट टर्म कोर्सों में ऐक्सपोर्ट एंड मर्चेंडाइजिंग छह महीने और डिज़ाइन इन स्टाइलिंग फॉर फैशन शो छह महीने की अवधि के करवाए जाते हैं जिस के बाद विद्यार्थी फैशन की दुनिया का हिस्सा बन सकते हैं। डिजाइन इन स्टाइलिंग फॉर फैशन के अन्तगर्त विद्यार्थियों को यह पढ़ाया जाता है कि वह फैशन शो को कैसे कामयाब बना सकते हैं तथा वह उन पहलुओं पर ध्यान देते हैं जिन पर एक फैशन डिजाइनर ध्यान न दे पाया हो। उनके मुताबिक उनके इंस्टीट्यूट से कोर्स करने वाले विद्यार्थीयों को 100 प्रतिशत प्लेसमैंट दी जाती है।
जे. डी. इंस्टीटयूट के कार्यकारी निदेशक आर. सी. दलाल के मुताबिक उनके इंस्टीटयूट में शॉर्ट टर्म कोर्स में फैशन डिजाइन 1 साल, फैशन बिजनैस मैनेजमैंट 1 साल और इंटीरीअर डिजाइन में भी एक साल के कोर्स करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी इन कोर्सों को करने के बाद फैशन इंडस्ट्री में नाम कमा सकते हैं। उनके मुताबिक उनके इंस्टीटयूट से कोर्स करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को प्लेसमैंट में मदद की जाती है। उन्होंने बताया कि फैशन मैनेजमैंट में यह पढ़ाया जाता है कि विभिन्न फैशन शो और अन्य फैशन संबंधित कार्यक्रमों को कैसे मैनेज करना है तथा इनको कैसे सफल बनाना है।
14 सालों से सहेली नामक बुटीक चला रही वंदना वर्मा बताती हैं कि युवाओं के लिए फैशन इंडस्ट्री में अच्छा भविष्य है मगर इसके लिए उन्हें सही ट्रेनिंग की आवश्यकता है। युवा अगर फैशन कोर्स करने के बाद बुटीक के रुप में शुरुआत करना चाहते हैं तो उन्हें कम से कम 2 महीने की ट्रेनिंग लेनी चाहिए क्योंकि किसी भी काम के लिए तर्जुबा जरुरी है। उन्होंने बताया कि बुटीक एक ऐसा व्यवसाय है जिसे कम पैसों से शुरू किया जा सकता है और इससे अच्छी आमदनी भी हो सकती है साथ ही आप दूसरों को रोजगार भी दे सकते हैं।

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